गौरी गंगा गाय की रक्षा करना सबका धर्म जगद्गुरू



आज आवश्यकता है पश्चमी देशो के दुष्प्रभाव से स्वयम को बचाना हमारा रहन सहन पहनाव मर्यादित होना आवश्यक है गंगा हम सनातनियों की पहचान व भारत की धरोहर है गौ माता में तैतीस कोटि देवता वास करते हैं गय बोलते हैं प्राण व त्रय बोलते हैं रक्षा के लिए

यह बात आज सनातन धर्म मन्दिर में चल रही श्रीमद्भगवत कथा में जगद गुरु राज राजेश्वराश्रम जी ने भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा आज लोग जाति धर्म क्षेत्र वाद में धर्म को बांटने का कार्य कर रहे हैं मनु और सतरूपा से उतपन्न होने वाली हमारी सन्तान संस्कारी बने स्त्रियां अपने सौभाग्य की रक्षा के लिए सत्कर्म करे और धार्मिक आयोजन होते रहे क्योंकि ऐसे कार्यो से आस्था विश्वास बढ़ती है वही आचार्य शिव प्रसाद ममगाई जी ने कथा वाचन करते हुए कहा कि उत्तराखंड की देव भूमि नाम से जानी जाती है जहां कण कण में देवताओं का वास है नगाधिराज हिमालय संबोधन कालिदास जी की शुभ यात्रा से हिमालय संरक्षण वन वनस्पति का संरक्षण करने का ज्ञान प्राप्त होता है वही भगवान कृष्ण ने इस देव भूमि में बाणासुर पुत्री उषा से अपने पौत्र अनिरुद्ध का विवाह करवाकर पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में बंधने का संदेश दिया आदि गुरु शंकराचार्य जी ने यही ज्योति प्राप्त करके भारत को जोड़ने केलिए चार मठों की स्थापना करते हुए एक दूसरे की संस्कृति का ज्ञान सबको हो और एकता सूत्र में सब बंधे रहे आदि प्रसंगों पर सुदामा चरित्र पर लोग भाव विभोर हुए

आज विशेष रूप से भागेश्वरी काला श्री दीपक जोशी प्रीति जोशी मनोज सुंदरियाल आरुषि सुंदरियाल शिव कुमार तोमर भुपेन्द्र नेगी कुसुम नेगी संगीता बड़ाकोटी यशोला बड़ाकोटी सचिदि नन्द पाण्डेय विनय कुकशाल एक्सन पुष्कर सिंह नेगी अभिजित काला निरू भट्ट एस के मित्तल समशेर दत्ता डी एस कठैत बिना वालिया अल्का दत्ता बिना तनेजा प्रेम तनेजा आर एस त्यागी जी विनोद सुंरियाल लज्जु विन्जोला लक्ष्मी उनियाल तनिष्क सुंदरियाल आचार्य दिवाकर भट्ट आचार्य महेश भट्ट आचार्य संदीप बहुगुणा आचार्य हिमांशु मैठाणी आचार्य अनूप भट्ट आचार्य संतोष तेंदुलकर अनिल चमोली आदि भक्त गण भारी संख्या में उपस्थित रहे।।




