
रूद्रप्रयाग जखोली ब्लॉक के पालाकुराली
के रोहन राणा ने पीएम से की मुलाकात किया संवाद
देशभर से चार करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के बीच उत्तराखंड के छात्र का चयन होना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि
रुद्रप्रयाग के होनहार छात्र रोहन सिंह राणा ने ‘परीक्षा पर चर्चा 2026’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया संवाद, जनपद में खुशी की लहर
रुद्रप्रयाग जनपद के होनहार छात्र रोहन सिंह राणा ने परीक्षा पर चर्चा 2026 कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने विषय पर सीधे संवाद कर जनपद, प्रदेश और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री से मुलाकात और संवाद को लेकर रोहन ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है।
यह संवाद 20 से 23 जनवरी तक दिल्ली में आयोजित परीक्षा पर चर्चा 2026 कार्यक्रम का हिस्सा था। इस दौरान रोहन का एक मिनट का वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर टॉप पर रहा। देशभर से चार करोड़ से अधिक प्रतिभागियों के बीच उत्तराखंड के छात्र का चयन होना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान रोहन सिंह राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से जुड़े उपहार भेंट किए। उन्होंने पहाड़ में उपयोग होने वाली रिंगाल की टोकरी, पारंपरिक व्यंजन अरसा व बुखणा तथा उत्तराखंड की लोक परंपराओं में निहित विज्ञान पर आधारित एक पुस्तक प्रधानमंत्री को भेंट की। इन उपहारों के माध्यम से रोहन ने पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर रुद्रप्रयाग पहुंचने पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने रोहन सिंह राणा को सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने रोहन की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जनपद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है और उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। इस दौरान रोहन को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
रोहन की यह उपलब्धि ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। उनकी सफलता से यह सिद्ध होता है कि कठिन परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी मंच तक पहुंचा जा सकता है।
रोहन की सफलता पर उनके परिवार, शिक्षकों, शिक्षा विभाग एवं जनपदवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। शिक्षा विभाग ने इसे ग्रामीण शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य और छिपी प्रतिभाओं को पहचान मिलने का सशक्त उदाहरण बताया है।